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एनालॉग पनीर क्या है? 5 राज्यों में बैन के बाद जानें असली पनीर से अंतर

पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन इन दिनों एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं। यह उत्पाद देखने और इस्तेमाल करने में असली पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी संरचना पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग होती है। FSSAI की जानकारी के मुताबिक डेयरी एनालॉग में दूध के घटकों की जगह पूरी तरह या आंशिक रूप से गैर-दूध सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

एनालॉग पनीर बनाने में वनस्पति तेल या फैट, स्टार्च, सोया या मटर जैसे प्लांट प्रोटीन, मिल्क सॉलिड्स, स्टेबलाइजर और इमल्सीफायर जैसी सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है। FSSAI के अपने 2026 के प्रकाशन में बताया गया है कि ऐसे उत्पाद पारंपरिक पनीर की शक्ल और टेक्सचर की नकल करते हैं, लेकिन उनका पोषण प्रोफाइल अलग हो सकता है।

सबसे अहम बात यह है कि एनालॉग उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचना नियमों के खिलाफ है। अप्रैल 2026 में FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा था कि Cheese Analogue को ‘Paneer’ के रूप में बेचना गंभीर उल्लंघन है और ऐसी प्रथा तत्काल बंद होनी चाहिए।

यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में इसके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। महाराष्ट्र ने अनस्टैंडर्ड एनालॉग और नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण, वितरण और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है। गुजरात में भी एनालॉग पनीर समेत कुछ नॉन-डेयरी उत्पादों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश ने अगस्त 2026 में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, जबकि छत्तीसगढ़ भी इस कार्रवाई में शामिल राज्यों में रहा है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर एनालॉग पनीर को स्वतः ‘जहर’ या जहरीला उत्पाद कहना सही नहीं है। असली समस्या उत्पाद की गलत पहचान, गलत लेबलिंग, गुणवत्ता और पोषण से जुड़ी है। FSSAI के अनुसार डेयरी एनालॉग पर ‘Analogue’ जैसी स्पष्ट पहचान होनी चाहिए और उसे दूध से बने उत्पाद के नाम से पेश नहीं किया जा सकता।

खरीदारी करते समय पैकेट पर Ingredients, Product Name और Label जरूर देखें। यदि किसी उत्पाद में दूध के बजाय मुख्य रूप से वनस्पति वसा या अन्य नॉन-डेयरी सामग्री है और फिर भी उसे केवल ‘Paneer’ के नाम से बेचा जा रहा है, तो यह उपभोक्ता के लिए चेतावनी का संकेत है। FSSAI ने भी खाद्य प्रतिष्ठानों को एनालॉग उत्पादों को पनीर के रूप में इस्तेमाल न करने और उनकी सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

ऐसे में पनीर खरीदते समय सिर्फ कम कीमत या दिखने में समान होने पर भरोसा न करें। भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें, लेबल पढ़ें और उत्पाद की सामग्री की जानकारी जरूर जांचें।

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