क्या है लिवर कैंसर? रिंकू सिंह के पिता की मौत के बाद जानिए इसके 5 बड़े कारण

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता के लिवर कैंसर से निधन की खबर ने इस गंभीर बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लिवर कैंसर, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा कहा जाता है, लिवर की कोशिकाओं में अनियंत्रित रूप से बढ़ने वाली कैंसरग्रस्त गांठों के कारण होता है। लिवर हमारे शरीर का एक अहम अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। जब इसकी कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए कई मामलों में इसका पता देर से चलता है।
लिवर कैंसर के पीछे कई गंभीर कारण होते हैं। पहली बड़ी वजह है हेपेटाइटिस बी और सी वायरस का संक्रमण। लंबे समय तक इन वायरस से संक्रमित रहने पर लिवर में सूजन और सिरोसिस की स्थिति बन जाती है, जो कैंसर का रूप ले सकती है। दूसरी वजह अत्यधिक शराब का सेवन है। लगातार और ज्यादा मात्रा में शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। तीसरी वजह फैटी लिवर और मोटापा है। आजकल खराब जीवनशैली और जंक फूड की आदत के कारण नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकती है।
चौथी बड़ी वजह है लिवर सिरोसिस, जिसमें लिवर की स्वस्थ कोशिकाएं नष्ट होकर उनकी जगह खराब ऊतक बन जाते हैं। यह स्थिति अक्सर हेपेटाइटिस या शराब के कारण पैदा होती है। पांचवीं वजह है जहरीले पदार्थों और रसायनों के लंबे समय तक संपर्क में रहना, जैसे अफ्लाटॉक्सिन नामक विषाक्त तत्व, जो खराब अनाज या खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसके अलावा डायबिटीज, धूम्रपान और अनुवांशिक कारण भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
लिवर कैंसर के सामान्य लक्षणों में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, अचानक वजन कम होना, भूख न लगना, त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया), उल्टी या कमजोरी शामिल हैं। यदि समय रहते जांच और इलाज हो जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है, लेकिन देर होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। डॉक्टर नियमित हेल्थ चेकअप, हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण, शराब से दूरी और संतुलित आहार को बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बताते हैं। रिंकू सिंह के पिता की मौत ने यह याद दिलाया है कि लिवर से जुड़ी बीमारियों को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।



