कम उम्र में क्यों बढ़ रहा है कमर दर्द? मोटापे के अलावा यह कारण भी बना बड़ी समस्या

एक समय था जब कमर दर्द को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या आम होती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे केवल मोटापा ही नहीं बल्कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हैं।
सबसे बड़ा कारण लंबे समय तक बैठे रहना माना जाता है। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी रीढ़ और कमर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। इससे समय के साथ दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ सकती है।
मोटापा भी कमर दर्द का एक प्रमुख जोखिम कारक है। अतिरिक्त वजन रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर अधिक दबाव डालता है, जिससे कमर के निचले हिस्से में दर्द की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य वजन वाले लोगों में भी गलत बैठने की मुद्रा और कमजोर मांसपेशियों के कारण यह समस्या हो सकती है।
इसके अलावा नींद की कमी, तनाव, नियमित व्यायाम का अभाव और गलत तरीके से वजन उठाना भी कमर दर्द को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं। कई मामलों में खराब पोस्टर (Posture) और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना समस्या को और गंभीर बना सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित व्यायाम, स्ट्रेचिंग, स्वस्थ वजन बनाए रखना, सही मुद्रा में बैठना और समय-समय पर शारीरिक गतिविधि करते रहना कमर दर्द के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। यदि दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
नोट:
यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।



