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World Sandwich Day 2025: कब और कैसे बना था पहला सैंडविच | जानिए इस स्वादिष्ट डिश का दिलचस्प इतिहास

हर साल 3 नवंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड सैंडविच डे (World Sandwich Day) मनाया जाता है। यह दिन उस डिश के नाम समर्पित है जो नाश्ते से लेकर लंच और डिनर तक हर रूप में पसंद की जाती है — सैंडविच। यह न केवल स्वादिष्ट और सुविधाजनक है बल्कि विश्व की सबसे लोकप्रिय फास्ट फूड डिश में से एक भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सैंडविच की शुरुआत कैसे हुई और इसका नाम “सैंडविच” क्यों पड़ा? इसका इतिहास जितना दिलचस्प है, उतना ही स्वादिष्ट भी।

सैंडविच का आविष्कार 18वीं सदी के इंग्लैंड में हुआ था। इतिहासकारों के अनुसार, इसका श्रेय जॉन मोंटेग्यू (John Montagu) को जाता है, जो 4th Earl of Sandwich थे। कहा जाता है कि जॉन को जुए का बहुत शौक था और वे खेल के दौरान खाना खाने के लिए खेल को रोकना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपने सेवक से कहा कि मांस के टुकड़े दो ब्रेड स्लाइस के बीच रखकर लाए, ताकि वे बिना हाथ गंदे किए खेलते हुए खाना खा सकें। यही से इस अनोखे “ब्रेड और फिलिंग” के संयोजन को “सैंडविच” कहा जाने लगा।

धीरे-धीरे यह डिश इंग्लैंड से यूरोप और फिर पूरे विश्व में फैल गई। आज सैंडविच के हजारों प्रकार हैं — वेजिटेबल सैंडविच, चीज़ सैंडविच, ग्रिल्ड सैंडविच, एग सैंडविच, क्लब सैंडविच, और सब सैंडविच जैसी अनेक वेरायटी दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। हर देश ने अपने स्वाद और संस्कृति के अनुसार इसमें बदलाव किया है। भारत में इसे मसालों और चटनी के साथ नया स्वाद दिया गया, जो आज हर कैफे और स्ट्रीट फूड कार्नर में आसानी से मिल जाता है।

वर्ल्ड सैंडविच डे मनाने का उद्देश्य केवल इस व्यंजन का जश्न मनाना नहीं, बल्कि इसे बनाने वाले “Earl of Sandwich” को याद करना भी है। इस दिन कई रेस्टोरेंट्स और कैफे विशेष सैंडविच ऑफर और डिस्काउंट देते हैं।

सैंडविच एक ऐसी डिश है जो सरलता में स्वाद छिपाए हुए है — दो ब्रेड स्लाइस और बीच में स्वाद की दुनिया! यही कारण है कि यह सदियों से लोगों की पसंद बनी हुई है और आने वाले समय में भी इसका क्रेज कभी कम नहीं होगा।

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