पौधों के सफेद कीड़ों से ऐसे पाएं छुटकारा, नीम खली और हल्दी का घरेलू उपाय

घर के गमलों, तुलसी और दूसरे सजावटी पौधों पर अचानक सफेद रूई जैसे कीड़े दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये अक्सर मिलीबग हो सकते हैं, जो पौधे का रस चूसकर उसकी ग्रोथ को प्रभावित करते हैं। ज्यादा संक्रमण होने पर पत्तियां पीली पड़ सकती हैं, पौधा कमजोर हो सकता है और कीड़ों द्वारा छोड़े गए चिपचिपे पदार्थ पर काली फफूंद भी विकसित हो सकती है।
वायरल घरेलू नुस्खे में सबसे पहले गमले की ऊपरी 1-2 इंच मिट्टी की हल्की गुड़ाई करने की सलाह दी गई है। इसके बाद करीब एक चम्मच नीम खली मिट्टी में मिलाने और लगभग आधा चम्मच बुझा हुआ चूना डालने की बात कही गई है। लेख में प्रभावित पत्तियों पर थोड़ी पिसी हल्दी छिड़कने का तरीका भी बताया गया है।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। हल्दी और चूने से मिलीबग रातों-रात खत्म हो जाएंगे, इस दावे की विश्वसनीय वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मिलीबग की मोमी परत और पत्तियों की दरारों में छिपने की आदत के कारण एक बार के उपचार से पूरी समस्या खत्म होना मुश्किल हो सकता है।
अगर संक्रमण कम है तो पहले पौधे को पानी की तेज लेकिन नियंत्रित धार से धोकर कीड़ों को हटाया जा सकता है। दिखाई देने वाले कीड़ों और अंडों के गुच्छों को हाथ से या कॉटन स्वैब से हटाना भी उपयोगी है। विशेषज्ञ सलाह के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर पौधे के लिए उपयुक्त नीम तेल, हॉर्टिकल्चरल ऑयल या इंसैक्टिसाइडल सोप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नीम तेल का इस्तेमाल करते समय पौधे की एक छोटी पत्ती पर पहले परीक्षण करना बेहतर है, क्योंकि कुछ पौधों में तेल से पत्तियां जल सकती हैं। बहुत गर्म मौसम या तनावग्रस्त पौधों पर तेल का छिड़काव नुकसान पहुंचा सकता है।
साथ ही, जरूरत से ज्यादा पानी और अत्यधिक नाइट्रोजन खाद से बचें और पौधों की पत्तियों, तनों तथा पत्तियों के जोड़ वाले हिस्सों की नियमित जांच करते रहें। मिलीबग छिपकर रह सकते हैं, इसलिए शुरुआती संक्रमण पकड़ना और बार-बार निगरानी करना ज्यादा प्रभावी तरीका है।



