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दिल्ली के 1723 PG पर कार्रवाई का खतरा, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली में PG यानी पेइंग गेस्ट इमारतों की सुरक्षा और नियमन को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद कराए गए सर्वे में राजधानी में कुल 2453 PG इमारतों की पहचान हुई। इनमें से केवल 730 इमारतों के बिल्डिंग प्लान रिकॉर्ड में मिले, जबकि 1723 इमारतों के मंजूर प्लान उपलब्ध नहीं हैं या उनकी पुष्टि नहीं हो सकी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति पर MCD से सवाल किया और पूछा कि जिन इमारतों के बिल्डिंग प्लान उपलब्ध नहीं हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कब कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने दिल्ली में PG आवास को नियंत्रित करने वाली मौजूदा व्यवस्था और उसकी कमियों पर भी जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
इस बीच, MCD की ओर से दाखिल रिपोर्ट के अनुसार 6 से 23 सितंबर के बीच 543 संपत्तियों को ध्वस्त और 178 को सील किया गया, जबकि 354 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। हालांकि, सभी 1723 PG पर तत्काल सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी है, ऐसा रिपोर्टों से स्थापित नहीं होता।