
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार 23 और 24 सितंबर 2026 को दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने जा रही है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद की इस बैठक में अब तक चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं, सुधारों और प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।
चिंतन शिविर में रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा, शासन सुधार, ईज ऑफ लिविंग और सरकारी प्रक्रियाओं में अनुपालन का बोझ कम करने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। सरकार के अनुसार यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और आने वाले समय में इस तरह की चर्चाओं के अन्य दौर आयोजित किए जा सकते हैं।
23-24 सितंबर को दो दिवसीय चिंतन शिविर
विकसित भारत 2047 के विजन को लेकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर 23 और 24 सितंबर को आयोजित होगा। बैठक में केंद्रीय मंत्री सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही आने वाले समय के लिए नई प्राथमिकताओं और सुधारों पर चर्चा की जाएगी।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, चिंतन शिविर में रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों और नई चुनौतियों को देखते हुए सरकार विकसित भारत 2047 के रोडमैप को आगे के लिए नए सिरे से विस्तार देने पर विचार कर रही है।
सरकारी कामकाज और सुधारों की समीक्षा
चिंतन शिविर में सचिवों के समूहों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय तथा नीति आयोग की ओर से किए जा रहे कार्यों को एक साथ रखकर समीक्षा की जाएगी। चर्चा में प्रशासनिक सुधार, ईज ऑफ लिविंग और सरकारी नियमों के अनुपालन से जुड़े बोझ को कम करने जैसे विषय शामिल हैं।
2021 से चल रही विकसित भारत की कवायद
विकसित भारत@2047 को लेकर केंद्र सरकार की व्यापक कवायद वर्ष 2021 से चल रही है। विजन@2047 तथा अल्पकालिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्रीय समूह बनाए गए थे। इस प्रक्रिया में विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया है।
मंत्रिपरिषद के सामने हो चुकी हैं कई प्रस्तुतियां
रिपोर्टों के मुताबिक 2021 से अब तक विकसित भारत@2047 के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के सामने आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं। 23-24 सितंबर का चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।
आगे भी जारी रहेंगे चर्चा के दौर
सरकारी सूत्रों के अनुसार 23 और 24 सितंबर को होने वाली चर्चाओं के बाद भी विकसित भारत 2047 को लेकर आगे के दौर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य मौजूदा योजनाओं और कार्यों की समीक्षा के साथ नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान करना है।



