फेस्टिव सीजन में नहीं बढ़ेगा हवाई किराया? सरकार की एयरलाइंस को हिदायत

दशहरा और दिवाली के फेस्टिव सीजन में हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार ने एयरलाइंस से किराए को उचित रखने की अपील की है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि सरकार हवाई किराए पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि सरकार ने इस सीजन के लिए हवाई किराए पर कोई औपचारिक Price Cap लगाने का फैसला नहीं किया है। किराए में बदलाव मांग, सीटों की उपलब्धता, ईंधन लागत और अन्य बाजार कारकों पर निर्भर करता है।
फेस्टिव सीजन में हवाई किराए पर सरकार की नजर
दशहरा और दिवाली के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ कई घरेलू रूट पर फ्लाइट टिकट महंगे होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस के साथ बातचीत कर किराए को उचित स्तर पर बनाए रखने पर जोर दिया है।
सरकार नहीं लगाएगी एयरफेयर कैप
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल फेस्टिव सीजन के लिए एयरफेयर पर कोई सीधा Price Cap नहीं लगाया जाएगा। इसके बजाय एयरलाइंस से कीमतों में संयम बरतने और यात्रियों पर अत्यधिक किराए का बोझ न डालने की अपील की जा रही है।
क्यों बढ़ते हैं फ्लाइट टिकट के दाम?
भारत में हवाई किराया मुख्य रूप से Demand और Supply के आधार पर तय होता है। किसी फ्लाइट में सीटों की बिक्री, उपलब्ध क्षमता, ईंधन की कीमत, प्रतिस्पर्धा, छुट्टियां और त्योहार जैसे कई कारक टिकट की कीमत को प्रभावित करते हैं।
ATF की कीमत भी अहम फैक्टर
हवाई किराए पर Aviation Turbine Fuel यानी ATF की कीमत का भी असर पड़ता है। सितंबर की शुरुआत में घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमत में 5.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई थी। ईंधन लागत एयरलाइंस के परिचालन खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यात्रियों को क्या राहत मिल सकती है?
सरकार की ओर से एयरलाइंस को किराए में संयम बरतने की सलाह ऐसे समय में आई है जब फेस्टिव सीजन में हवाई यात्रा की मांग बढ़ रही है। सरकार और विमानन नियामक उपलब्ध सीटों तथा किराए की स्थिति पर नजर रख रहे हैं, ताकि मांग बढ़ने के दौरान कीमतों में अत्यधिक उछाल को नियंत्रित किया जा सके।



