Central Vista Library: SC का केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी (CSL) के प्रस्तावित स्थानांतरण से जुड़े मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने केंद्र को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने केंद्र से यह बताने को कहा है कि नई लाइब्रेरी के लिए कितनी जगह आवंटित की गई है और उसका वास्तविक लेआउट प्लान क्या है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि प्रस्तावित स्थान शास्त्री भवन में मौजूद किताबों के अलावा आरके पुरम में रखी गई किताबों के लिए भी पर्याप्त होगा या नहीं।
केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी में 8.5 लाख से अधिक किताबें और दस्तावेज बताए जा रहे हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने खास तौर पर आरके पुरम में रखी करीब दो लाख किताबों का मुद्दा उठाया, जो लंबे समय से कार्टन में पैक हैं।
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना में लाइब्रेरी के लिए जगह निर्धारित की गई है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जानकारी हलफनामे और वास्तविक लेआउट के साथ देने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुस्तकालय के लिए उपलब्ध स्थान पर्याप्त है या नहीं।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरि प्रिया पद्मनाभन को अदालत की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है। अब केंद्र के विस्तृत जवाब के बाद लाइब्रेरी के स्थानांतरण और उसके संग्रह के संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर आगे की सुनवाई होगी।



