
चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल से 29 अप्रैल तक एग्जिट पोल प्रकाशित करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस अवधि को ‘साइलेंस पीरियड’ कहा गया है, जिसके दौरान राजनीतिक दल और उम्मीदवार किसी भी तरह के प्रचार या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधि नहीं कर सकते।
साइलेंस पीरियड का उद्देश्य निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे इस दौरान मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एग्जिट पोल या संभावित परिणामों की जानकारी पर ध्यान न दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। साइलेंस पीरियड के दौरान प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री या वोट प्रभावित करने वाले संदेश मतदाताओं तक न पहुंचे।
इस अवधि के बाद ही मतगणना और परिणामों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, जिससे मतदान प्रक्रिया पर किसी तरह का दबाव या भ्रम पैदा न हो।



