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F-35A पहली बार भारत में, जोधपुर में गरजा स्टेल्थ फाइटर
राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर तरंग शक्ति 2026 में अमेरिकी वायुसेना के छह F-35A स्टेल्थ फाइटर शामिल हुए हैं। यह पहली बार है जब F-35 ने भारत की जमीन से किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया है। इससे पहले अमेरिकी F-35 भारत में एयर शो के दौरान नजर आ चुका है, लेकिन भारतीय वायुसेना के साथ इस तरह के सामरिक अभ्यास में इसकी यह पहली भागीदारी है।
F-35A को पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान माना जाता है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में लो-ऑब्जर्वेबिलिटी, सेंसर फ्यूजन और नेटवर्क आधारित ऑपरेशन शामिल हैं। तरंग शक्ति में भारतीय वायुसेना के Su-30MKI, राफेल, तेजस और मिराज-2000 जैसे विमान भी हिस्सा ले रहे हैं।
इस अभ्यास का उद्देश्य केवल अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि विभिन्न वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, मिशन प्लानिंग और सामरिक संचालन का अनुभव साझा करना भी है। IAF के वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अभ्यास के संदर्भ में कहा है कि इसका मकसद उन क्षेत्रों को समझना है जहां अभी और सीखने की जरूरत है।
तरंग शक्ति 2026 में अमेरिका के अलावा फ्रांस, UAE, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित कई देश अपने विमान या सैन्य संसाधनों के साथ शामिल हैं, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में भाग ले रहे हैं।