Haldwani Purification Row: हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर कांग्रेस के SC-ST सांसदों का बड़ा फैसला, राष्ट्रपति को देंगे ज्ञापन

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धीकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस के SC/ST सांसदों ने दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में बैठक कर इस मामले पर चर्चा की। सांसदों ने इसे SC-ST समुदायों की गरिमा और सामाजिक समानता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला किया।
हल्द्वानी में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुई कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना से हुई। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर शुद्धीकरण अनुष्ठान किया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और सामाजिक समानता के खिलाफ बताया है।
SC-ST सांसदों ने दिल्ली में की बैठक
कांग्रेस के 32 SC/ST सांसद सोमवार को इंदिरा भवन में जुटे। बैठक में इस घटना के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पर चर्चा हुई। सांसदों ने कहा कि मामला केवल राजनीतिक टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि SC/ST समुदायों के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को देंगे ज्ञापन
बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस के सांसद मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें कथित शुद्धीकरण की घटना पर चिंता जताते हुए उचित कार्रवाई और राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
SC-ST के मुद्दों के लिए बनेगा संसदीय फोरम
कांग्रेस सांसदों ने SC/ST समुदायों से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने के लिए एक अलग संसदीय फोरम बनाने का भी फैसला किया है। इस फोरम के जरिए अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े सामाजिक तथा संवैधानिक मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने की योजना है।
कांग्रेस ने घटना को बताया संविधान से जुड़ा मुद्दा
कांग्रेस के SC/ST सांसदों का कहना है कि कथित शुद्धीकरण की घटना समानता, गरिमा और छुआछूत के उन्मूलन जैसे संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
राहुल गांधी ने भी उठाया था मामला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही इस घटना की निंदा कर चुके हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से शुद्धीकरण की घटना को पार्टी से जोड़ने के आरोपों का खंडन किया गया है।
मामले में FIR को लेकर भी विवाद
कांग्रेस का आरोप है कि घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। कांग्रेस सांसदों ने इस कार्रवाई को भी राष्ट्रपति के सामने उठाने का फैसला किया है।
बेंगलुरु में दर्ज जीरो FIR का मामला
रिपोर्टों के मुताबिक इस विवाद को लेकर बेंगलुरु में भी जीरो FIR दर्ज की गई थी। घटना हल्द्वानी से संबंधित होने के कारण इसे नैनीताल पुलिस को ट्रांसफर किया जाना है। पुलिस ने कहा है कि आधिकारिक प्रति मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर आगे की जांच की जाएगी।
भाजपा का हल्द्वानी दौरा भी चर्चा में
विवाद के बीच भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के 9 सितंबर से उत्तराखंड दौरे पर जाने की खबर है। ऐसे में हल्द्वानी का यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और गरमाने की संभावना है।
निष्कर्ष:
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धीकरण’ विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है। कांग्रेस के 32 SC/ST सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन देने का फैसला किया है। साथ ही SC/ST समुदायों के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए संसदीय फोरम बनाने की घोषणा की गई है। अब निगाहें राष्ट्रपति को दिए जाने वाले ज्ञापन और इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई पर रहेंगी।
नोट: ‘शुद्धीकरण’ की घटना और उससे जुड़े आरोपों के संबंध में अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के दावे हैं। ऊपर की रिपोर्ट में आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।



