ITBP का यह अभियान Force Level Mountaineering Expedition-2026 का हिस्सा था। अभियान को 7 अगस्त को नई दिल्ली स्थित ITBP मुख्यालय से महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने रवाना किया था। कई सप्ताह की तैयारी और कठिन हाई-एल्टीट्यूड चढ़ाई के बाद टीम ने 16 सितंबर को माउंट अबी गामिन के शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
माउंट अबी गामिन उत्तराखंड के चमोली जिले के गढ़वाल हिमालय में स्थित है। यह माउंट कामेट के करीब है और इसकी चोटी भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित है। करीब 7,355 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ाई के दौरान कम ऑक्सीजन, बर्फ, ग्लेशियर और तेजी से बदलता मौसम बड़ी चुनौतियां पेश करते हैं।
अभियान का नेतृत्व कर रहे डिप्टी कमांडेंट परीक्षित शाह नैनीताल के रहने वाले हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को उत्तराखंड की आराध्य देवी मां नंदा-सुनंदा को समर्पित किया। शाह ने इसे इच्छाशक्ति और आस्था से जुड़ी उपलब्धि बताया।
ITBP के अनुसार, इस अभियान ने उसके पर्वतारोहण कौशल, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण, धैर्य और टीम भावना को प्रदर्शित किया। अभियान के बाद ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 23 सदस्यीय टीम को बधाई दी।
माउंट अबी गामिन का पर्वतारोहण इतिहास भी पुराना है। 1950 में एक एंग्लो-स्विस अभियान ने पहली सफल चढ़ाई की थी। इसके बाद भारतीय पर्वतारोहियों ने भी 1950 के दशक में इस चोटी पर सफल अभियान किए। मौजूदा ITBP अभियान ने एक बार फिर इस चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में उच्च पर्वतीय पर्वतारोहण क्षमता को सामने रखा है।