
विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट पर बयान देते हुए कहा कि भारत एक बेहद जटिल स्थिति का सामना कर रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा इस समय उसकी शीर्ष प्राथमिकता है। भारत वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिकों और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए रणनीतिक कदम उठा रहा है।
MEA ने यह भी कहा कि भारत अपने मित्र देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि संकट के प्रभाव को कम किया जा सके और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। विदेश मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बयान से संकेत मिलता है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर है और पश्चिम एशिया में किसी भी संकट से निपटने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास जारी रखे जाएंगे। मंत्रालय ने नागरिकों से भी संयम और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा बनाए रखने का आग्रह किया है।



