


Supreme Court of India ने लंबित एग्जीक्यूशन याचिकाओं को लेकर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि कई मामलों में फैसला आने के बाद भी न्याय अधूरा रह जाता है, जो न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कोर्ट ने इन लंबित मामलों की स्थिति को ‘डरावना’ बताते हुए कहा कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के बराबर है। इससे आम लोगों का भरोसा न्यायपालिका पर प्रभावित हो सकता है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों और राज्यों को निर्देश दिए कि लंबित याचिकाओं के निपटारे के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और प्रक्रिया को तेज किया जाए।
कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न्याय प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है और यह संकेत देती है कि लंबित मामलों के समाधान पर अब और अधिक गंभीरता से काम करना होगा।