Tamil Nadu Hindi Row: हिंदी पढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, नवोदय स्कूलों पर भी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान हिंदी भाषा को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि उसे अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए और यह नहीं कहा जा सकता कि तमिलनाडु में हिंदी नहीं पढ़ाई जाएगी।
दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने राज्य के हर जिले में नवोदय विद्यालय स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े निर्देश का विरोध किया था। राज्य की आपत्ति मुख्य रूप से भाषा नीति से जुड़ी थी, क्योंकि नवोदय विद्यालयों में तीन-भाषा व्यवस्था को लेकर तमिलनाडु की दो-भाषा नीति से मतभेद बताया गया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार को आपसी बातचीत से समाधान निकालने की सलाह दी। अदालत ने सहकारी संघवाद पर जोर देते हुए कहा कि चेन्नई और दिल्ली को एक-दूसरे से दूरी नहीं बनानी चाहिए।
कोर्ट ने नवोदय विद्यालयों के लिए जमीन की पहचान से जुड़े अपने पहले के निर्देश को वापस लेने से इनकार किया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य को प्रत्येक जिले में उपयुक्त जमीन की पहचान करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा, जबकि भाषा संबंधी मुद्दे पर केंद्र के साथ बातचीत जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होने की बात सामने आई है।



