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श्रावण के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के स्वागत के लिए यूपी का काशी विश्वनाथ मंदिर तैयार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर ने इस साल 22 जुलाई को पड़ने वाले श्रावण के पहले सोमवार पर भक्तों और कांवड़ियों के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की है।

काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने कहा कि इस साल बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है और इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां की गई हैं।

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर सावन के महीने में भक्तों की सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार है । सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। अनुमान है कि इस साल करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आएंगे।

विश्व भूषण मिश्रा ने कहा कि इस साल श्रावण के महीने में 5 सोमवार होने से भक्तों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो सकता है। काशी विश्वनाथ मंदिर को बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग माना जाता है, इसलिए हर साल भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती है।

मंदिर के सीईओ ने आगे बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए तैयारियां की हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है।

श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए काशी विश्वनाथ मंदिर के चारों गेट खुले रहेंगे। श्रद्धालु किसी भी गेट से प्रवेश कर सकते हैं। इस साल लोगों को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका खास ख्याल रखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास के सभी सोमवार को महादेव अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देंगे। इस वर्ष श्रावण मास के 5 शुभ सोमवार के साथ बाबा विश्वनाथ हर सोमवार को अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगारित होंगे।

शिवमय काशी अपने परिवार माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश के साथ श्रावण मास के सभी सोमवार को अलग-अलग रंग और अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देगी।

चल रही तैयारियों के बारे में बताते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि इस वर्ष सावन के सभी पांचों सोमवार को बाबा को उनके अलग-अलग स्वरूपों में सजाया जाएगा। बाबा के दर्शन को आने वाले भक्त श्री काशी विश्वनाथ के निम्न स्वरूपों के दर्शन कर सकेंगे।

श्रावण के पहले सोमवार 22 जुलाई को बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा सजाई जाएगी। सोमवार 29 जुलाई को बाबा विश्वनाथ को गौरी शंकर के स्वरूप में सजाया जाएगा। तीसरे सोमवार 5 अगस्त को बाबा विश्वनाथ अपने अर्धनारीश्वर स्वरूप के श्रृंगार से भक्तों को अचंभित करेंगे।

चौथे सोमवार यानी 12 अगस्त को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष से श्रृंगार किया जाएगा। श्रावण के आखिरी सोमवार यानी 19 अगस्त को भी श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ का शंकर पार्वती गणेश के स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा।

श्रावण भगवान महादेव का प्रिय महीना है। इस साल श्रावण 22 जुलाई सोमवार से शुरू होकर 19 अगस्त सोमवार को खत्म होगा और 29 दिनों तक चलेगा।

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