केरल में कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, निकाली प्रतीकात्मक शवयात्रा

केरल के पलक्कड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने के लिए प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से पलक्कड़ शहर के स्टेडियम बस स्टैंड के पास आयोजित किया गया। कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से प्रतीकात्मक अर्थी लेकर निकले और बस स्टैंड के पास विरोध कार्यक्रम किया।
तस्वीर पर माला चढ़ाई, अंतिम संस्कार जैसी रस्में निभाईं
प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार की तस्वीर पर माला चढ़ाई गई और प्रतीकात्मक चिता के साथ अंतिम संस्कार जैसी रस्में निभाई गईं। इसके बाद चिता जलाई गई। प्रदर्शनकारियों ने चिता से बची राख को इकट्ठा किया और उसे टॉयलेट में बहा दिया। यह घटना चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ विरोध के तरीके को लेकर चर्चा में आ गई है। <escape>【NDTV की रिपोर्ट】</escape>
SIR और मतदाता सूची को लेकर क्यों हो रहा है विरोध?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की नाराजगी का एक प्रमुख कारण मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। ये विपक्ष के आरोप और आपत्तियां हैं; इन पर संबंधित पक्षों के जवाब और आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
केरल विधानसभा में भी पारित हुआ प्रस्ताव
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध केवल सड़क तक सीमित नहीं है। 12 अक्टूबर 2026 को केरल विधानसभा ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं, पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकारों और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति की संरचना जैसे मुद्दे उठाए गए। <escape>【Hindustan Times की रिपोर्ट】</escape>
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ा विवाद
मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के बीच विवाद हाल के दिनों में तेज हुआ है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं, जबकि इन आरोपों का मूल्यांकन संबंधित रिकॉर्ड, नियमों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर किया जाना चाहिए। पलक्कड़ में हुआ यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
पलक्कड़ की घटना क्यों बनी चर्चा का विषय?
मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालना और राख को टॉयलेट में बहाना प्रदर्शन का असामान्य तरीका माना जा रहा है। इस घटना ने विरोध जताने के तरीकों और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति राजनीतिक दलों के व्यवहार पर भी बहस छेड़ दी है। मामले में किसी संभावित पुलिस कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर नहीं की जा सकती।



