अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 2025: आज का पंचांग, उपाय और शुभ समय

7 दिसंबर 2025 को पंचांग अनुसार अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का विशेष अवसर है। यह दिन भगवान गणेश की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने भगवान गणेश को समर्पित होता है और विशेष रूप से बुद्धि, सुख, समृद्धि और कष्ट निवारण के लिए किया जाता है। आज का दिन सोमवार है, जो व्रती के लिए और भी अधिक फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार, आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और यह स्थिति व्रत के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
आज का शुभ मुहूर्त सुबह 6:12 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:45 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, आज के दिन ‘स्नान काल’ और ‘सूर्योदय काल’ भी विशेष महत्व रखते हैं। जिन लोगों ने पिछले व्रत नहीं रखा है, वे भी आज का व्रत रखकर भगवान गणेश की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। संकष्टी व्रत का मुख्य नियम है कि व्रती को दिनभर उपवास रखना चाहिए और केवल चंद्रमा दर्शन के बाद ही इसे तोड़ना चाहिए।
आज के दिन विशेष रूप से गणेश जी की मूर्ति या चित्र के सामने विधिपूर्वक पूजा करना चाहिए। पूजा में दूर्वा, हल्दी, फूल और मोदक का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संकष्टी व्रत से परिवार में सुख-समृद्धि आती है, कार्य सफल होते हैं और आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है। इसके अलावा, इस दिन दान-पुण्य करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। दान में अनाज, वस्त्र या गरीबों को भोजन देना बेहद फलदायी होता है।
पंचांग के अनुसार, आज ‘राम देवता काल’ और ‘गणेश योग’ भी शुभ हैं। यह दिन व्यापार, पढ़ाई और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए भी अनुकूल है। जिन लोगों को मानसिक शांति की आवश्यकता है, वे आज मंत्र जाप और ध्यान के माध्यम से भी लाभ उठा सकते हैं। संकष्टी चतुर्थी के व्रत और पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और भगवान गणेश का आशीर्वाद हमेशा व्रती के साथ रहता है।
इस प्रकार, 7 दिसंबर 2025 की अखुरथ संकष्टी चतुर्थी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दिन सभी कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ भी माना जाता है।



