Amavasya 2026 Calendar: 12 अमावस्या व्रत, सोमवती अमावस्या कब पड़ेगी और क्यों है खास

हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। अमावस्या को पितृ तर्पण, दान-पुण्य, स्नान और व्रत का उत्तम दिन माना जाता है। वर्ष 2026 में कुल 12 अमावस्या तिथियां पड़ेंगी, जो हर माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि पर आती हैं। इन सभी अमावस्या तिथियों का अपना-अपना महत्व है, लेकिन जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, पितरों के नाम तर्पण और जरूरतमंदों को दान करने से पितृ दोष शांत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। खासतौर पर सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं।
Amavasya 2026 में हर महीने एक-एक अमावस्या पड़ेगी। पंचांग के अनुसार जनवरी से दिसंबर तक कुल 12 अमावस्या तिथियां रहेंगी, जिनमें मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या जैसी तिथियां भी शामिल होंगी। इन दिनों में दान, जप-तप और ध्यान करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।
सबसे खास बात करें तो सोमवती अमावस्या 2026 वर्ष में एक बार पड़ने की संभावना है। यह अमावस्या सोमवार के दिन आने के कारण अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा, परिक्रमा और दीपदान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं।
कुल मिलाकर, अमावस्या 2026 धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। यदि आप व्रत-पूजा, पितृ तर्पण या आध्यात्मिक साधना में विश्वास रखते हैं, तो इन 12 अमावस्या तिथियों को अपने कैलेंडर में जरूर नोट कर लें, ताकि सही समय पर धार्मिक लाभ प्राप्त किया जा सके।



