Chaiti Chhath 2026: चैती छठ पर सूर्य देव के इन मंत्रों का जाप करने से दूर होंगे कष्ट, जीवन में आएगी खुशहाली

हिंदू धर्म में चैती छठ का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की आराधना को समर्पित होता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत, खासकर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। चैती छठ के दिन व्रती महिलाएं और पुरुष सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और मंत्रों का जाप करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
चैती छठ के अवसर पर सूर्य देव की उपासना के साथ कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है। इनमें सबसे प्रमुख मंत्र है – “ॐ सूर्याय नमः।” इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का भी विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार छठ पर्व के दौरान उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इन मंत्रों का जाप करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। सूर्य देव को जल अर्पित करते समय “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का उच्चारण करना भी बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है और रोगों से मुक्ति मिलती है।
चैती छठ का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि प्रकृति और सूर्य के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है। यह पर्व लोगों को अनुशासन, संयम और आस्था का संदेश देता है। इस दिन साफ-सफाई, पवित्रता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से सूर्य देव की आराधना और मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इसलिए चैती छठ के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।



