Chhath Puja 2025: नहाय-खाय आज, पूजा नियम और मंत्रों की पूरी जानकारी

छठ पूजा 2025 का सबसे महत्वपूर्ण दिन आज है, जिसे नहाय-खाय के नाम से जाना जाता है। यह दिन व्रती के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसका पालन सही तरीके से करना अत्यंत आवश्यक है। नहाय-खाय का अर्थ है शरीर और मन दोनों को शुद्ध करना। इस दिन व्रती सुबह स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करते हैं और घर की साफ-सफाई करके सूर्य देव की आराधना की तैयारी करते हैं। व्रती इस दिन शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं, जो मुख्यतः जौ, रोटी, सब्जी और फल से बनाया जाता है। मांसाहार और तैलीय भोजन का इस दिन पूर्णतः परहेज करना चाहिए।
पूजन के नियमों के अनुसार, व्रती को सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए और घर के मुख्य स्थान पर साफ पानी और मिट्टी का उपयोग करके सूर्य देव के लिए पूजा स्थान तैयार करना चाहिए। नहाय-खाय के दौरान मंत्रों का उच्चारण करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। प्रमुख मंत्रों में “ॐ सूर्याय नमः” का जाप किया जाता है। इसके अलावा, घर और आस-पास के वातावरण को पवित्र बनाए रखने के लिए धूप, दीप और फूलों का प्रयोग किया जाता है।
छठ पूजा के महत्व को ध्यान में रखते हुए, व्रती पूरे दिन शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं और मानसिक रूप से भी पूर्ण संयम रखते हैं। यह दिन सूर्य देव की उपासना, माता छठी के प्रति श्रद्धा और स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि के लिए समर्पित होता है। व्रती इस दिन पूरे दिन पूजा स्थल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं और आंतरिक शांति का अनुभव करते हैं। नहाय-खाय का पालन सही तरीके से करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में लाभ होता है और व्रत का असर पूरी तरह से प्रकट होता है।
इसलिए, छठ पूजा 2025 के नहाय-खाय के दिन सभी व्रती अपने आहार, मंत्र जाप और पूजा विधियों का ध्यान रखें। सूर्य देव और माता छठी की भक्ति से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन के नियमों का पालन करना सिर्फ परंपरा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति का मार्ग भी है।



