मंगल महादशा कितने साल चलती है और उपाय क्या हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति कहा गया है। जब कुंडली में मंगल की महादशा आरंभ होती है, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और कभी-कभी क्रोध के रूप में दिखता है। मंगल की महादशा कुल 7 वर्षों तक चलती है। यदि कुंडली में मंगल शुभ स्थान पर हो, तो यह समय अत्यधिक सफलता और शक्ति देने वाला होता है। लेकिन अगर यह अशुभ हो, तो व्यक्ति को दुर्घटनाएं, कोर्ट-कचहरी, पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। मंगल को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की उपासना, मंगलवार को व्रत, लाल वस्त्र या तांबे का दान, और ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी होता है।
मंगल महादशा एक वैदिक ज्योतिषीय अवधारणा है, जो जन्मकुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति के आधार पर सक्रिय होती है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में दशा क्रम के अनुसार मंगल ग्रह की महादशा आती है, तो उसका सीधा असर उस व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ता है। यह दशा कुल 7 वर्षों तक चलती है और इसका असर मंगल की स्थिति (शुभ या अशुभ) पर निर्भर करता है।



