गोवर्धन पर्वत घटने का रहस्य: जानें द्वापर युग का वो सच

हिंदू पौराणिक कथाओं में Govardhan Hill का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि भगवान Krishna ने अपने गोकुलवासियों की रक्षा के लिए इस पर्वत को ऊँचा उठाया और 7 दिनों तक इसे छत्र की तरह रखा। इस घटना के बाद गोवर्धन पर्वत को संकुचित होते हुए देखा गया, और माना जाता है कि द्वापर युग से लेकर आज तक यह धीरे-धीरे छोटे होते जा रहे हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह पहाड़ प्राकृतिक प्रक्रियाओं—जैसे कटाव, वर्षा, और मौसमीय बदलाव—के कारण क्षरण का शिकार हो रहा है। पौराणिक दृष्टि से इसे भगवान कृष्ण की लीला और पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखने की शक्ति से जोड़ा जाता है।
श्रद्धालु मानते हैं कि गोवर्धन पर्वत के दर्शन और उसकी पूजा करने से सफलता, सुख-शांति और हरि की कृपा प्राप्त होती है। इस पर्वत का हर दिन छोटा होना केवल प्राकृतिक परिवर्तन नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी जीवन में स्थिरता और सततता का प्रतीक है।



