घर में पितरों की फोटो कहाँ लगाएं? जानें वास्तु के अनुसार शुभ दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पितरों की तस्वीर लगाना न सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है, बल्कि यह परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई लोग पितरों की तस्वीरें घर के किसी भी हिस्से में लगा देते हैं, लेकिन वास्तु की मान्यता में उन्हें रखने की एक निश्चित दिशा और स्थान बताया गया है। सही दिशा में लगाई गई तस्वीरें जीवन में सौभाग्य, मानसिक शांति और पारिवारिक एकता को बढ़ावा देती हैं, जबकि गलत दिशा में लगी तस्वीरों का प्रभाव विपरीत भी हो सकता है।
वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं कि पितरों की फोटो घर के दक्षिण दिशा (South Direction) में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा को यम दिशा माना जाता है और इसे ही पितरों की दिशा कहा गया है। इसलिए इस दिशा में पूर्वजों की तस्वीर लगाने से उनकी कृपा परिवार पर बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। ध्यान रहे कि पितरों की तस्वीरें हमेशा दीवार पर ऐसे स्थान पर लगानी चाहिए जहां उन्हें सम्मान मिले और जहां किसी भी प्रकार की गंदगी या अव्यवस्था न हो।
पितरों की तस्वीर पूजा घर या मंदिर में लगाने की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि वहां देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित रहती हैं। पितरों की फोटो को देव तस्वीरों के साथ एक ही स्थान पर रखने को वास्तु में उचित नहीं माना गया है। इसके अलावा, तस्वीरें हमेशा बैठे हुए या शांत मुद्रा में होनी चाहिए। रोते या दुख प्रकट करते हुए पोज़ वाली तस्वीरें घर में नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं।
वास्तु के अनुसार यह भी कहा गया है कि पितरों की तस्वीरें शयनकक्ष (Bedroom) या रसोईघर (Kitchen) में नहीं लगानी चाहिए। ये स्थान निजी और पारिवारिक गतिविधियों से जुड़े होते हैं और पितरों की तस्वीरों के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते।
तस्वीरों को साफ-सुथरी जगह पर लगाना, समय-समय पर कपड़े से साफ करना और वहां नियमित दीपक या अगरबत्ती जलाना भी शुभ माना जाता है। इससे पूर्वजों की आशीष प्राप्त होती है और परिवार में सौहार्द, स्वास्थ्य तथा समृद्धि बनी रहती है।
इस प्रकार, पितरों की तस्वीर सही दिशा में और सही तरीके से लगाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस किए जा सकते हैं। अगर चाहें तो मैं इसके साथ 5 विशेष वास्तु उपाय भी लिख सकता हूँ।



