धर्म-आस्था

Mangal Antardasha Remedies: बजरंगबली की कृपा से बनेंगे बिगड़े काम

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि, भाई, पराक्रम और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब किसी जातक की कुंडली में मंगल की अंतर्दशा चलती है, तब जीवन में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह समय कई लोगों के लिए उपलब्धियां दिलाने वाला होता है, लेकिन यदि मंगल अशुभ स्थिति में हो तो क्रोध, विवाद, दुर्घटना, रक्त संबंधी समस्या, कर्ज या पारिवारिक तनाव भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में हनुमान जी की उपासना सबसे प्रभावी मानी जाती है, क्योंकि बजरंगबली को मंगल का स्वामी और कष्टों का हरण करने वाला देवता कहा गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए कुछ सरल उपाय मंगल के दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

मंगल अंतर्दशा में हर मंगलवार और शनिवार हनुमान मंदिर जाकर सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है। जिन लोगों को नौकरी, कोर्ट-कचहरी या शत्रुओं से परेशानी है, उन्हें नियमित रूप से “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जप करना लाभकारी रहता है। इसके साथ ही बंदरों को गुड़ और चना खिलाना, लाल मसूर दाल का दान करना और जरूरतमंदों की सेवा करना मंगल को मजबूत बनाता है।

इस अवधि में अपने व्यवहार पर विशेष नियंत्रण रखना भी जरूरी है। क्रोध और जल्दबाजी से लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए ब्रह्मचर्य, अनुशासन और सत्य का पालन करना शुभ फल देता है। अगर विवाह या संपत्ति से जुड़े कार्य अटके हुए हैं, तो नियमित पूजा और उपायों से रास्ते खुलने लगते हैं। श्रद्धा और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। जब भक्त पूरी आस्था से बजरंगबली को याद करता है, तो कठिन से कठिन परिस्थिति भी धीरे-धीरे अनुकूल होने लगती है और बिगड़े काम बनना शुरू हो जाते हैं।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button