मासिक दुर्गाष्टमी 2026: जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मां दुर्गा के चमत्कारी मंत्र

मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है और यह दिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा की आराधना के लिए विशेष रूप से समर्पित होता है। Masik Durgashtami 2026 के अवसर पर भक्त पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से मां का ध्यान करने और मंत्रों का जप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर जो लोग मानसिक तनाव, आर्थिक कठिनाइयों या पारिवारिक कलह से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।
मासिक दुर्गाष्टमी पर सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं और लाल पुष्प अर्पित करें। इसके बाद “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह बीज मंत्र मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावी उपाय है। इसके अतिरिक्त “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से भय और संकट दूर होते हैं। जो साधक विशेष मनोकामना पूर्ति चाहते हैं, वे दुर्गा सप्तशती के कुछ श्लोकों का पाठ भी कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी पर व्रत रखने और कन्याओं को भोजन कराने से मां दुर्गा अत्यंत प्रसन्न होती हैं। इस दिन लाल चंदन, सिंदूर और चुनरी अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। अगर संभव हो तो शाम के समय दुर्गा आरती कर परिवार के साथ मिलकर मां का स्मरण करें। मान्यता है कि नियमित रूप से मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत और मंत्र जप करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और घर में समृद्धि का वास होता है। इसलिए Masik Durgashtami 2026 पर इन सरल मंत्रों का जप अवश्य करें और मां दुर्गा की कृपा से अपने जीवन को सुखमय बनाएं।



