Nag Panchami 2025: जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

नाग पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो हर वर्ष श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में नाग पंचमी 1 अगस्त, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह पर्व नाग देवताओं की पूजा के लिए समर्पित होता है और विशेष रूप से उत्तर भारत, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
इस दिन नाग देवता की पूजा करके लोग उनसे जीवन में सुख-शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं। खासकर कृषि प्रधान समाजों में नाग पंचमी का विशेष महत्व है, क्योंकि नागों को धरती के रक्षक और वर्षा लाने वाले देवता माना गया है। मान्यता है कि इस दिन नागों को दूध चढ़ाने से पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत काल में जब जनमेजय ने नाग यज्ञ किया था, तब तक्षक नाग के विनाश की आशंका से वासुकि नाग की बहन ने यह व्रत किया और उसके प्रभाव से नाग जाति की रक्षा हुई। तभी से नाग पंचमी व्रत का महत्व माना गया।
इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं, नाग देवता की मिट्टी या चित्र पर दूध, हल्दी, कुंकुम और फूल चढ़ाकर पूजा करती हैं। कुछ लोग सांपों को वास्तविक रूप में दूध पिलाते हैं, हालांकि अब यह परंपरा बदलती जा रही है।



