
अगस्त और सितंबर का महीना भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दौरान सुहागिन महिलाओं के प्रमुख पर्व हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज मनाए जाते हैं। ये व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होते हैं और वैवाहिक सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखे जाते हैं।
हरियाली तीज सावन मास में हरियाली और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक मानी जाती है, जबकि कजरी तीज भाद्रपद माह में मनाई जाती है और इसका संबंध विशेष लोक परंपराओं से होता है। हरतालिका तीज को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, जिसमें महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
इन पर्वों की तैयारी में महिलाएं पहले से ही सोलह श्रृंगार, पारंपरिक वस्त्र, पूजा सामग्री और व्रत नियमों का पालन करना शुरू कर देती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-शांति को बढ़ाते हैं।



