रंग पंचमी 2026 डेट: इस दिन खेली जाएगी रंगों की होली, नोट करें पूजा विधि और महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार रंग पंचमी का पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में रंग पंचमी 9 मार्च 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। यह पर्व होली के पांच दिन बाद आता है और खासतौर पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। जहां धुलेंडी पर रंगों का उत्सव मनाया जाता है, वहीं रंग पंचमी को विशेष रूप से देवी-देवताओं को रंग अर्पित कर आध्यात्मिक उल्लास के साथ पर्व मनाने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवी-देवताओं के साथ रंगों की होली खेली जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रंग पंचमी पर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की विशेष पूजा का विधान है। कई स्थानों पर शोभायात्राएं निकाली जाती हैं और गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया जाता है।
पूजा विधि:
रंग पंचमी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान को साफ कर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित करें और पुष्प, फल तथा मिष्ठान का भोग लगाएं। “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके बाद आरती करें और परिवार के साथ रंगों का उत्सव मनाएं। इस दिन जरूरतमंदों को वस्त्र और अन्न दान करना भी पुण्यदायी माना गया है।
रंग पंचमी केवल रंग खेलने का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देने वाला उत्सव है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और दान से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और रिश्तों में मधुरता बढ़ती है। इसलिए अगर आप भी रंग पंचमी 2026 का पर्व मनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से तिथि नोट कर लें और पूरे विधि-विधान से पूजा कर इस पावन दिन को खास बनाएं।



