धर्म-आस्था

विजया एकादशी 2026: पूजा में पढ़ें विष्णु सहस्त्रनाम, खुलेंगे सफलता के द्वार

विजया एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी माना गया है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ने वाला यह पावन दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने और पूजा के समय विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है। यही कारण है कि इसे “विजया” एकादशी कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि स्वयं भगवान राम ने लंका विजय से पहले इस व्रत का पालन किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें सफलता प्राप्त हुई।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर दीप, धूप, फूल, तुलसी दल और फल अर्पित किए जाते हैं। पूजा के दौरान यदि श्रद्धा से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जाए, तो इसका पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। सहस्त्रनाम में भगवान के हजार नामों का स्मरण होता है, जो साधक के मन को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विष्णु सहस्त्रनाम का नियमित पाठ करने से ग्रह दोष शांत होते हैं, मानसिक तनाव कम होता है और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। विजया एकादशी के दिन इसका पाठ विशेष रूप से भाग्य को जागृत करने वाला माना जाता है। जो लोग करियर, व्यापार या पारिवारिक जीवन में संघर्ष का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह दिन नई शुरुआत का अवसर बन सकता है।

व्रत रखने वाले भक्त दिनभर सात्विकता बनाए रखते हैं और द्वादशी तिथि पर पारण करते हैं। जरूरतमंदों को दान देना भी इस दिन अत्यंत शुभ माना गया है। कुल मिलाकर, विजया एकादशी केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और विश्वास का उत्सव है। सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण और सहस्त्रनाम का पाठ व्यक्ति के सोए हुए भाग्य को जगा सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button