धर्म-आस्था
बद्रीनाथ धाम की कथा: कैसे पड़ा भगवान विष्णु के धाम का नाम बद्रीनाथ


Badrinath Temple यानी बद्रीविशाल धाम से जुड़ी एक बेहद पवित्र और रोचक कथा प्रचलित है। मान्यता के अनुसार, Vishnu इस स्थान पर तपस्या कर रहे थे, तब वहां अत्यधिक ठंड और कठिन परिस्थितियां थीं।
कहा जाता है कि Lakshmi ने अपने प्रभु की तपस्या को सुरक्षित रखने के लिए ‘बद्री’ यानी जंगली बेर के पेड़ का रूप धारण कर लिया और उन्हें तेज ठंड से बचाया। उनकी इस तपस्या और सेवा से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि इस धाम को उनके नाम से जाना जाएगा।
इसी कारण यह स्थान ‘बद्रीनाथ’ कहलाया, जहां ‘बद्री’ मां लक्ष्मी और ‘नाथ’ भगवान विष्णु को दर्शाता है। आज यह धाम हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।