हथेली में केतु पर्वत का रहस्य, भाग्य और जीवन के संकेत समझें

Palmistry यानी हस्तरेखा शास्त्र में केतु पर्वत को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्वत आमतौर पर हथेली के निचले हिस्से, कलाई के पास स्थित होता है और व्यक्ति के भाग्य, आध्यात्मिक झुकाव और पिछले कर्मों से जुड़े संकेत देता है।
केतु पर्वत की स्थिति और उसकी उभरी या दबाई हुई अवस्था से व्यक्ति के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, मानसिक स्थिति और रहस्यमयी अनुभवों का अनुमान लगाया जाता है। अगर यह पर्वत संतुलित और साफ दिखाई देता है, तो इसे शुभ माना जाता है, जबकि अत्यधिक उभरा या दबा हुआ केतु पर्वत कुछ चुनौतियों की ओर इशारा कर सकता है।
ज्योतिष के अनुसार केतु को आध्यात्म और मोक्ष का कारक माना जाता है, इसलिए हथेली में इसका प्रभाव व्यक्ति को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित कर सकता है। हालांकि, हस्तरेखा के इन संकेतों को समझने के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर माना जाता है।



