विकट संकष्टी चतुर्थी कथा: वैशाख में पढ़ें Ganesh Ji की पावन कथा

वैशाख माह की विकट संकष्टी चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व होता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है और भक्त इस दिन व्रत रखकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत कथा पढ़ने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
विकट संकष्टी चतुर्थी कथा (संक्षेप में):
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक गरीब ब्राह्मण अपने जीवन की परेशानियों से बहुत दुखी था। उसने किसी ज्ञानी व्यक्ति की सलाह पर संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखना शुरू किया और सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा की। कुछ समय बाद उसकी सभी समस्याएं दूर हो गईं और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आ गई।
कथा यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए व्रत और पूजा से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
पूजा का महत्व:
इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलना विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के मार्ग खुलते हैं।



