धर्म-आस्था
माता सीता की अग्निपरीक्षा का रहस्य, क्या थीं दो सीता? रामायण कथा


रामायण में माता सीता की अग्निपरीक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक प्रसंग माना जाता है। इस घटना को लेकर अलग-अलग धार्मिक और पौराणिक व्याख्याएं मिलती हैं, जिनमें से एक रोचक मान्यता “दो सीता” की अवधारणा से जुड़ी हुई है।
कुछ कथाओं के अनुसार, वनवास के दौरान रावण द्वारा हरण के समय वास्तविक सीता की बजाय एक छाया रूप (माया सीता) को अग्नि परीक्षा के दौरान प्रस्तुत किया गया था। ऐसा माना जाता है कि असली सीता अग्नि देवता की शरण में सुरक्षित रहीं और बाद में पुनः प्रकट हुईं।
हालांकि, यह व्याख्या विभिन्न ग्रंथों और परंपराओं में अलग-अलग रूप में मिलती है और इसे आस्था व प्रतीकात्मक दृष्टि से देखा जाता है। रामायण की यह कथा धर्म, कर्तव्य और सत्य की परीक्षा को दर्शाती है, जो आज भी लोगों को गहराई से प्रभावित करती है।