
हिंदू धर्म में तिलक लगाने का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इसे केवल परंपरा नहीं बल्कि ऊर्जा और श्रद्धा से जुड़ी प्रक्रिया भी माना जाता है। अक्सर लोग बिना सही जानकारी के किसी भी उंगली से तिलक लगा लेते हैं, जबकि शास्त्रों में इसके लिए अलग-अलग नियम बताए गए हैं।
मान्यता के अनुसार अनामिका (रिंग फिंगर) उंगली का उपयोग चंदन या रोली का तिलक लगाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसे शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। वहीं, अंगूठे का उपयोग विशेष परिस्थितियों में किया जाता है, जैसे आरती या विशेष अनुष्ठान में। कुछ परंपराओं में मध्यमा उंगली का भी उपयोग किया जाता है, लेकिन सामान्य पूजा में अनामिका को प्रमुख माना गया है।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार तिलक केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि मन और आत्मा को केंद्रित करने का माध्यम है। सही विधि से किया गया तिलक व्यक्ति के आत्मविश्वास और मानसिक शांति को बढ़ाता है। इसलिए पूजा-पाठ में सही नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है।



