विराट कोहली को मिले 5 करोड़? जानें वायरल दावे का सच

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाना कोई नई बात नहीं है। दोनों कई बार महाराज से मुलाकात कर चुके हैं और उनकी तस्वीरें व वीडियो भी सामने आते रहे हैं। 2026 में भी दोनों की आश्रम यात्रा चर्चा में रही थी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है।
रिपोर्टों के मुताबिक, 5 करोड़ रुपये वाला आरोप दिनेश फलाहारी की ओर से लगाया गया है। वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष बताए जाते हैं। आरोप में राजस्थान की एक निजी कंपनी से जुड़े लोगों पर कोहली को आश्रम तक लाने के लिए रकम खर्च करने या देने की बात कही गई है।
दावे के मुताबिक, इसका मकसद प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और प्रचार को बढ़ाना था। हालांकि, यह आरोप है और इसे साबित करने के लिए अब तक कोई सार्वजनिक बैंक ट्रांजैक्शन, कॉन्ट्रैक्ट, इनवॉइस या अन्य स्वतंत्र रूप से सत्यापित दस्तावेज सामने नहीं आया है।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 5 करोड़ रुपये वाली बात को तथ्य के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे अपुष्ट दावा या आरोप ही माना जा सकता है। विराट कोहली या उनके प्रतिनिधियों की ओर से भी इस कथित भुगतान की पुष्टि करने वाला कोई बयान सामने नहीं आया है।
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातें पहले से सार्वजनिक रही हैं। दोनों जनवरी 2023 में भी वृंदावन पहुंचे थे और इसके बाद कई मौकों पर आश्रम में नजर आए। मई 2025 में विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भी उनकी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं।
वायरल दावे के सामने आने की टाइमिंग भी चर्चा में है। प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े कुछ हालिया विवादों के बीच पुराने वीडियो और दावे सोशल मीडिया पर दोबारा तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। हालांकि, इन अलग-अलग घटनाओं को आपस में जोड़कर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कुल मिलाकर, विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये मिलने की बात अभी साबित नहीं हुई है। इसलिए वायरल पोस्ट और वीडियो को देखते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोप और प्रमाणित तथ्य में अंतर होता है।



