हरमनप्रीत के बाद कौन बनेगा कप्तान? स्मृति सबसे आगे

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। वह बतौर खिलाड़ी टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी।
हरमनप्रीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति मंधाना के नाम की है। मंधाना लंबे समय तक हरमनप्रीत की उपकप्तान रही हैं और उन्हें भारतीय टीम की अगली कप्तान के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
स्मृति के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता है। वह पहले भी हरमनप्रीत की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। इसके अलावा विमेंस प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी का अनुभव भी उनके पास है।
स्मृति ने इस साल कप्तानी को लेकर पूछे गए सवाल पर खुद कहा था कि अगर उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने उनका दावा काफी मजबूत नजर आता है।
दूसरा बड़ा नाम दीप्ति शर्मा का है। दीप्ति तीनों फॉर्मेट में खेलने वाली अनुभवी ऑलराउंडर हैं और उन्हें मैदान के दोनों विभागों में टीम को प्रभावित करने की क्षमता के कारण मजबूत नेतृत्व विकल्प माना जा रहा है। वह यूपी वॉरियर्स की कप्तानी भी कर चुकी हैं।
जेमिमा रोड्रिग्स भी भविष्य की कप्तान के तौर पर चर्चा में हैं। 2025 महिला वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी नाबाद 127 रन की पारी भारतीय टीम की ऐतिहासिक खिताबी जीत में अहम रही थी। उनके पास दिल्ली की फ्रेंचाइजी टीम की कप्तानी का अनुभव भी है।
रिचा घोष का नाम भी संभावित विकल्पों में शामिल है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनका अनुभव और मैदान पर खेल को समझने की क्षमता उन्हें भविष्य के नेतृत्व विकल्पों में रखती है। हालांकि, उनके पास स्मृति और दीप्ति की तुलना में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी का अनुभव कम है।
एक संभावना यह भी है कि चयनकर्ता तीनों फॉर्मेट के लिए एक ही कप्तान चुनने के बजाय अलग-अलग फॉर्मेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी बांटें। ऐसी स्थिति में स्मृति, दीप्ति, जेमिमा या रिचा में से अलग-अलग खिलाड़ियों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
फिलहाल स्मृति मंधाना सबसे आगे दिखाई दे रही हैं, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को करना है। हरमनप्रीत के बाद नई कप्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्व कप विजेता टीम की सफलता को आगे बढ़ाना और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उसी निरंतरता को बनाए रखना होगी।



