AUS vs BAN: तन्जीद हसन ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास, पहले ही टेस्ट में कमाल

ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जहां बड़े-बड़े बल्लेबाजों के लिए रन बनाना चुनौती रहा है, वहीं 25 साल के तन्जीद हसन तमीम ने अपने दूसरे ही टेस्ट में ऐसा कारनामा कर दिया, जो बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट की दूसरी पारी में तन्जीद ने शानदार 101 रन बनाए और इतिहास रच दिया।
तन्जीद की यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर टेस्ट शतक लगाने वाले पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बन गए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 76 रन था, जिसे तन्जीद ने पीछे छोड़ दिया।
तन्जीद ने बेहद धैर्य के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना किया। उन्होंने 197 गेंदों पर 101 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने 188 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। नाथन लियोन ने उनकी पारी का अंत किया, लेकिन तब तक तन्जीद बांग्लादेश को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।
दिलचस्प बात यह है कि तन्जीद का यह पहला टेस्ट शतक है और यह उपलब्धि उन्होंने अपने करियर के महज दूसरे टेस्ट में हासिल की। पाकिस्तान के खिलाफ मई 2026 में टेस्ट डेब्यू करने के बाद उन्हें इस मौके के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा।
तन्जीद की पारी ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को दिनभर परेशान किया। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को सिर्फ 198 रन पर समेट दिया था। इसके बाद तन्जीद और उनके साथियों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम पर दबाव बना दिया।
तन्जीद को कप्तान नजमुल हुसैन शांतो का भी अच्छा साथ मिला। शांतो ने 84 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि मोमिनुल हक ने 49 रन बनाए। इन पारियों की मदद से बांग्लादेश ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 351/6 का स्कोर खड़ा कर लिया और ऑस्ट्रेलिया पर 153 रन की बढ़त हासिल कर ली।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि मेजबान टीम टेस्ट क्रिकेट की शीर्ष टीमों में शामिल है। इसके बावजूद बांग्लादेश ने पहले गेंद से और फिर बल्ले से शानदार खेल दिखाया। ऑस्ट्रेलियाई टीम को फील्डिंग में भी कुछ मौकों का नुकसान उठाना पड़ा, जिससे मेहमान टीम की बढ़त और मजबूत हुई।
तन्जीद की इस पारी ने उन्हें बांग्लादेश क्रिकेट के उन बल्लेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया है, जिन्होंने विदेशी परिस्थितियों में यादगार प्रदर्शन किया है। अब देखना होगा कि उनकी यह शानदार शुरुआत आगे टेस्ट क्रिकेट में कितनी बड़ी उपलब्धियों में बदलती है। फिलहाल इतना तय है कि डार्विन में तन्जीद ने सिर्फ शतक नहीं लगाया, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट के लिए इतिहास का नया पन्ना लिख दिया।



