Devdutt Padikkal Century: क्या मिला चेतेश्वर पुजारा का उत्तराधिकारी? गॉल में जड़ा शतक

भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने धमाकेदार शतक लगाकर बड़ा बयान दिया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी पूरी की और नंबर-3 की जगह के लिए अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर दी। उन्होंने 134 गेंदों में तीन अंकों का आंकड़ा छुआ।
पडिक्कल के इस प्रदर्शन को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह लंबे समय तक चेतेश्वर पुजारा की पहचान रही थी। पुजारा के संन्यास के बाद इस स्थान पर टीम को लगातार एक भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश रही है। गॉल में पडिक्कल ने जिस धैर्य और तकनीक के साथ बल्लेबाजी की, उसने उन्हें इस भूमिका का मजबूत दावेदार बना दिया है।
साई सुदर्शन की जगह मिला मौका
पडिक्कल को श्रीलंका सीरीज में नंबर-3 पर मौका इसलिए मिला क्योंकि नियमित विकल्प साई सुदर्शन चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए। मौका मिलते ही पडिक्कल ने इसका पूरा फायदा उठाया। इससे पहले श्रीलंकाई XI के खिलाफ अभ्यास मैच में भी उन्होंने शतक लगाकर अपनी तैयारी का संकेत दे दिया था।
राहुल के साथ जमाई बड़ी साझेदारी
गॉल टेस्ट में पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाला। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दोनों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। राहुल के 77 रन पर क्रैम्प्स के कारण रिटायर्ड हर्ट होने के बाद भी पडिक्कल ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा।
पडिक्कल की पारी में रक्षा और आक्रामक शॉट्स का शानदार संतुलन देखने को मिला। यही वजह है कि उनका शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि नंबर-3 पर टीम इंडिया की लंबे समय से चली आ रही तलाश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
RCB में भी दिखा था शानदार फॉर्म
पडिक्कल के आत्मविश्वास के पीछे उनकी हालिया फॉर्म भी बड़ी वजह है। वह Royal Challengers Bengaluru के लिए IPL 2026 में प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं और टीम के चैंपियन बनने के अभियान का हिस्सा रहे। घरेलू क्रिकेट में भी उनके आंकड़े मजबूत रहे हैं।
गॉल में शतक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत को नंबर-3 पर अपना नया भरोसेमंद बल्लेबाज मिल गया है? एक पारी के आधार पर उन्हें पुजारा का उत्तराधिकारी घोषित करना जल्दबाजी होगी, लेकिन पडिक्कल ने निश्चित रूप से इस भूमिका के लिए अपना दावा मजबूती से पेश कर दिया है।
अगर वह आगे भी इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते हैं, तो भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह के लिए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है।



