ENG vs IND: जो रूट ने जड़ा 39वां टेस्ट शतक, कुमार संगकारा का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा
इंग्लैंड बनाम भारत टेस्ट मैच में जो रूट ने एक बार फिर अपने बल्ले का दम दिखाते हुए शानदार 39वां टेस्ट शतक जड़ दिया। इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ 39 शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं, जिससे उन्होंने क्रिकेट इतिहास में एक खास मुकाम हासिल कर लिया है।
मैच के दौरान, जो रूट ने बेहद संयम और क्लासिक तकनीक के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन शॉट्स खेले और अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए इंग्लैंड को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया। उनका यह शतक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि टीम के लिए भी मनोबल बढ़ाने वाला क्षण रहा।
जो रूट ने अपनी पारी में 200 से अधिक गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लगातार अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वह इस फॉर्मेट के सबसे भरोसेमंद और तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाजों में से एक हैं।
कुमार संगकारा ने अपने करियर में 39 टेस्ट शतक लगाने में 134 मैच खेले थे, जबकि जो रूट ने यह उपलब्धि कम मैचों में पूरी कर ली, जिससे उनका नाम अब टेस्ट क्रिकेट इतिहास में और अधिक ऊंचाई पर पहुंच गया है।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने इस शतक को और भी खास माना जा रहा है, क्योंकि भारत के पास जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद सिराज जैसे घातक गेंदबाज हैं, जिन्हें खेलने के लिए धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है।
इस पारी के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने जो रूट की जमकर तारीफ की है। पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा, “रूट की यह पारी बताती है कि क्यों उन्हें इस युग का महान टेस्ट बल्लेबाज कहा जाता है।” वहीं सोशल मीडिया पर भी जो रूट का यह शतक ट्रेंड कर रहा है, और फैन्स उन्हें “मॉडर्न डे टेस्ट मास्टर” का टैग दे रहे हैं।
भारतीय टीम के लिए यह शतक चिंता का कारण भी बना, क्योंकि जो रूट का फॉर्म अगर इसी तरह चलता रहा तो मैच में वापसी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी माना कि रूट की पारी ने मैच की दिशा बदल दी और अब टीम को मजबूती से वापसी करनी होगी।
निष्कर्षतः, जो रूट का यह 39वां टेस्ट शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उनकी निरंतरता, तकनीकी श्रेष्ठता और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक है। संगकारा जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़कर उन्होंने खुद को टेस्ट क्रिकेट के आधुनिक दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार कर लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कितनी जल्दी 40वें शतक की ओर कदम बढ़ाते हैं।



