FIFA वर्ल्ड कप: प्रेस्टियानी रूल क्या है? रेड कार्ड विवाद से मचा हंगामा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक अनोखे और विवादित फैसले ने सभी को चौंका दिया, जब एक खिलाड़ी के “मुंह छिपाने” जैसी हरकत पर रेफरी ने सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और फुटबॉल विशेषज्ञों के बीच “प्रेस्टियानी रूल” को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, यह शब्द उस स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें खिलाड़ी का असामान्य या असम्मानजनक व्यवहार रेफरी को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मजबूर कर देता है, भले ही उसमें पारंपरिक फाउल शामिल न हो। इस तरह के मामलों में रेफरी के पास “डिसिप्लिनरी पावर” होती है, जिसके तहत वह खेल भावना के खिलाफ व्यवहार पर सीधा रेड कार्ड दे सकता है।
फुटबॉल नियमों के अनुसार, रेफरी खिलाड़ियों के व्यवहार, टाइम वेस्टिंग, या खेल भावना के खिलाफ हरकतों पर सख्त कार्रवाई कर सकता है। VAR (Video Assistant Referee) की मदद से भी ऐसे फैसलों की पुष्टि की जाती है, ताकि किसी भी विवादित स्थिति में सही निर्णय लिया जा सके।
इस घटना के बाद फुटबॉल जगत में बहस छिड़ गई है कि क्या इस तरह के निर्णय खेल के नियमों के तहत सही हैं या नहीं। कुछ लोग इसे सख्ती मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे रेफरी की अत्यधिक शक्ति बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस “रूल” को लेकर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।



