IND vs NZ मुकाबला: राणा जी के सामने टिक नहीं पाते कॉनवे, पलक झपकते ही बन जाते हैं शिकार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे मुकाबलों में जब भी राणा जी गेंद हाथ में लेते हैं, तो बल्लेबाजों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। खासकर न्यूजीलैंड के भरोसेमंद बल्लेबाज डेवोन कॉनवे के लिए राणा जी की गेंदबाजी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रही है। आंकड़े साफ तौर पर यह बताते हैं कि कॉनवे को राणा जी के चंगुल से बचना आसान नहीं रहा और कई बार वह पलक झपकते ही उनका शिकार बन चुके हैं।
राणा जी की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक लाइन-लेंथ और गेंद की अतिरिक्त उछाल मानी जाती है। वह नई गेंद से आक्रामक शुरुआत करते हैं और बल्लेबाज को सोचने का मौका नहीं देते। कॉनवे जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज भी जब राणा जी का सामना करते हैं, तो अक्सर रक्षात्मक नजर आते हैं। राणा जी की तेज गति और सीम मूवमेंट बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर कर देती है, जिसका फायदा भारतीय टीम को बार-बार मिला है।
अगर आमने-सामने के आंकड़ों पर नजर डालें, तो राणा जी का पलड़ा कॉनवे पर भारी दिखता है। कई अहम मौकों पर राणा जी ने कॉनवे को आउट कर मैच की दिशा ही बदल दी। चाहे पावरप्ले हो या फिर मध्य ओवरों का दबाव, राणा जी ने हर स्थिति में कॉनवे पर अंकुश लगाया है। यही वजह है कि न्यूजीलैंड की रणनीति में राणा जी का विकेट निकालना हमेशा प्राथमिकता में रहता है।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि राणा जी की शुरुआती सफलताएं विपक्षी टीम की कमर तोड़ देती हैं। एक बार अगर कॉनवे जैसा सेट बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट जाए, तो न्यूजीलैंड की रन गति पर सीधा असर पड़ता है। यही कारण है कि टीम इंडिया हर मैच में राणा जी से बड़ी उम्मीदें लगाए रहती है।
कुल मिलाकर, IND vs NZ मुकाबलों में राणा जी बनाम कॉनवे की जंग देखने लायक रहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में कॉनवे राणा जी की चुनौती से पार पाते हैं या फिर आंकड़े एक बार फिर राणा जी की कहानी बयां करते नजर आते हैं।



