भारत बनाम न्यूजीलैंड 5वां T20: संजू सैमसन की अग्निपरीक्षा, वर्ल्ड कप से पहले सेलेक्टर्स की कड़ी नजर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाने वाला पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला कई मायनों में बेहद अहम है। यह मैच सिर्फ सीरीज के नतीजे तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों की भी झलक मिलेगी। खासतौर पर विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। पिछले कुछ मैचों में संजू को मौके तो मिले, लेकिन वे अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए “करो या मरो” जैसा बन गया है।
टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता लंबे समय से टी20 टीम के लिए एक मजबूत प्लान-B पर काम कर रहे हैं। अगर प्लेइंग इलेवन में कोई खिलाड़ी चोटिल होता है या फॉर्म से बाहर होता है, तो उसके विकल्प तैयार रहना बेहद जरूरी है। संजू सैमसन इसी प्लान-B का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग में भी भरोसेमंद विकल्प हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतरता की कमी उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 में संजू से एक जिम्मेदार और मैच जिताऊ पारी की उम्मीद होगी। टीम इंडिया को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बना सके और दबाव की स्थिति में टीम को संभाल सके। अगर संजू इस मैच में बड़ी पारी खेलते हैं, तो न सिर्फ वे आलोचकों का मुंह बंद करेंगे, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी दावेदारी भी मजबूत कर लेंगे।
वहीं, कप्तान और कोचिंग स्टाफ भी इस मुकाबले को प्रयोग के तौर पर देख रहे हैं। युवाओं को मौका देना और संभावित संयोजन को परखना उनकी प्राथमिकता है। ऐसे में संजू सैमसन के पास खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर है। अगर वह इसे गंवाते हैं, तो टीम इंडिया के प्लान-B में उनकी जगह खतरे में पड़ सकती है। कुल मिलाकर, IND vs NZ का यह पांचवां टी20 मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि संजू सैमसन के भविष्य और भारत की टी20 वर्ल्ड कप रणनीति का अहम पड़ाव है।



