ईशान किशन को टी20 वर्ल्ड कप में जगह, लेकिन इस खिलाड़ी के साथ हुई नाइंसाफी – गौतम गंभीर का बयान

टी20 वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद क्रिकेट प्रेमियों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां एक ओर ईशान किशन को टीम में जगह मिलने की खबर ने उनके फैंस को उत्साहित कर दिया है, वहीं कई अनुभवी खिलाड़ियों के छूट जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर गौतम गंभीर ने भी इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि टीम चयन में युवा खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी हुई है।
गंभीर का यह बयान उस खिलाड़ी के लिए है, जिन्होंने हाल ही में घरेलू और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। इस खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से टीम में खुद को साबित किया था, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। गंभीर का कहना है कि सिर्फ युवा खिलाड़ियों पर ध्यान देना और अनुभवियों को टीम से बाहर रखना हमेशा सही नहीं होता। उनके अनुसार टीम में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
टी20 वर्ल्ड कप में टीम चयन हमेशा विवादों का विषय रहा है। चयनकर्ता खिलाड़ियों के फॉर्म, फिटनेस, पिछले अनुभव और रणनीति के आधार पर टीम बनाते हैं। इसके बावजूद जब किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन लगातार अच्छा होता है और फिर भी उन्हें टीम से बाहर रखा जाता है, तो यह क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बन जाता है।
गंभीर ने यह भी कहा कि खिलाड़ी मानसिक रूप से प्रभावित होते हैं जब उन्हें मौका नहीं मिलता, खासकर जब उन्होंने हाल ही में टीम के लिए महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया हो। उनका मानना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के दौरान टीम में शामिल हर खिलाड़ी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। युवा खिलाड़ियों को मौका देना उत्साहजनक है, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों के योगदान को नजरअंदाज करना टीम के संतुलन और प्रदर्शन पर भी असर डाल सकता है। गौतम गंभीर का यह बयान इस बात का प्रमाण है कि चयन प्रक्रिया में आलोचना और सवाल उठाना भी जरूरी है ताकि क्रिकेट में निष्पक्षता बनी रहे और खिलाड़ियों को सही सम्मान मिले।



