Nathan McSweeney: विराट कोहली के वीडियो देखकर सुधारी बैटिंग, इंडिया-A के खिलाफ ठोके 194 रन

नाथन मैक्स्वीनी ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं। वह घरेलू क्रिकेट में साउथ ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के लिए भी खेल चुके हैं। भारत के खिलाफ 2024 की टेस्ट सीरीज में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इंडिया-A के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी क्षमता की ओर ध्यान खींचा है।
विराट कोहली के वीडियो से क्या सीखा?
मैक्स्वीनी ने बताया कि भारत में स्पिन के अनुकूल पिचों पर खेलने के लिए उन्होंने विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और अन्य अनुभवी बल्लेबाजों के वीडियो देखे। उनका उद्देश्य यह समझना था कि ये खिलाड़ी स्पिन के खिलाफ किस तरह फुटवर्क का इस्तेमाल करते हैं, स्ट्राइक रोटेट करते हैं और गेंद के हिसाब से शॉट चुनते हैं। वीडियो देखने के साथ उन्होंने उपलब्ध डेटा का विश्लेषण भी किया और उसे मैदान पर लागू करने की कोशिश की।
इंडिया-A के खिलाफ बनाए 194 रन
तीन मैचों की वनडे सीरीज में मैक्स्वीनी ने 64.66 की औसत से कुल 194 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया और ऑस्ट्रेलिया-A की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। ऑस्ट्रेलिया-A ने सीरीज 2-1 से जीती, हालांकि तीसरे मुकाबले में इंडिया-A ने 49 रन से जीत दर्ज की।
भारत में बल्लेबाजी को बताया चुनौतीपूर्ण
मैक्स्वीनी ने माना कि भारतीय परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब पिच से स्पिनरों को मदद मिल रही हो। उन्होंने कहा कि भारत आकर अच्छा प्रदर्शन करना और सीरीज जीतना उनके लिए खास अनुभव रहा। उनके मुताबिक, महान खिलाड़ियों के खेल का अध्ययन करके उस जानकारी को मैदान पर लागू करना उनकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
पहले भारत के खिलाफ टेस्ट में नहीं चला था बल्ला
मैक्स्वीनी ने 2024 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में वह 72 रन ही बना सके थे और कोई अर्धशतक नहीं लगा पाए थे। अब इंडिया-A के खिलाफ वनडे सीरीज में उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि अलग प्रारूप और परिस्थितियों के अनुसार तैयारी में बदलाव करना कितना अहम हो सकता है। हालांकि, इस प्रदर्शन के आधार पर ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम में उनकी वापसी को निश्चित नहीं माना जा सकता।



