ऋतुराज गायकवाड़ की अनदेखी पर मचा बवाल, चयनकर्ता अजीत अगरकर पर पूर्व क्रिकेटर का तीखा हमला

भारतीय क्रिकेट में टीम चयन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार मुद्दा बना है युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को टीम से बाहर रखने का फैसला, जिस पर एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने खुलकर नाराजगी जताई है। पूर्व खिलाड़ी का कहना है कि लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद ऋतुराज को नजरअंदाज करना समझ से परे है। उन्होंने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर को सीधे तौर पर निशाने पर लेते हुए कहा कि चयन में निरंतरता और प्रदर्शन के आधार पर फैसले होने चाहिए, न कि कुछ सीमित विकल्पों पर भरोसा करके। ऋतुराज गायकवाड़ ने घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक अपनी तकनीक, धैर्य और बड़े मैचों में रन बनाने की क्षमता से खुद को साबित किया है। इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर रखना कई क्रिकेट विशेषज्ञों को खटक रहा है। पूर्व क्रिकेटर ने सवाल उठाया कि जब एक खिलाड़ी लगातार रन बना रहा हो, फॉर्म में हो और टीम की जरूरतों के अनुरूप फिट बैठता हो, तो उसे मौके क्यों नहीं दिए जा रहे। उन्होंने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को पता रहे कि किस आधार पर उन्हें टीम में जगह मिलेगी या बाहर किया जाएगा। अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति पर यह आरोप भी लगाए गए कि कुछ खिलाड़ियों को बार-बार मौके मिल रहे हैं, जबकि दूसरे योग्य खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ रहा है। पूर्व क्रिकेटर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह के फैसले युवाओं का मनोबल तोड़ सकते हैं और लंबे समय में भारतीय क्रिकेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि टीम संयोजन, विपक्ष और परिस्थितियों को देखते हुए चयनकर्ता कठिन फैसले लेते हैं। लेकिन आलोचकों का कहना है कि फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को बाहर रखना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी फैंस दो खेमों में बंट गए हैं—एक ओर ऋतुराज के समर्थन में आवाज उठ रही है, तो दूसरी ओर चयन समिति के फैसले का बचाव किया जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता इस आलोचना से क्या सबक लेते हैं और ऋतुराज गायकवाड़ को दोबारा मौका मिलता है या नहीं।



