Wankhede Stadium: 6.5 लाख की 261 IPL जर्सी चोरी, सिक्योरिटी मैनेजर गिरफ्तार
मुंबई स्थित वानखेड़े स्टेडियम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने IPL 2025 की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि 261 आईपीएल जर्सियां, जिनकी कुल कीमत लगभग 6.5 लाख रुपये बताई जा रही है, स्टेडियम के अंदर से चोरी हो गईं। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने स्टेडियम के सिक्योरिटी मैनेजर को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहा था।
इस घटना ने क्रिकेट प्रेमियों और BCCI को सकते में डाल दिया है, क्योंकि वानखेड़े स्टेडियम को देश के सबसे सुरक्षित और हाई-प्रोफाइल क्रिकेट स्टेडियमों में गिना जाता है। लेकिन इसी स्टेडियम के अंदर से इस तरह की चोरी का सामने आना सुरक्षा तंत्र की पोल खोलता है।
मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई जर्सियों की संख्या 261 है, जो सभी आईपीएल टीमों की थीं और स्टेडियम में एक विशेष प्रमोशनल कार्यक्रम के लिए मंगाई गई थीं। जब आयोजकों ने इन जर्सियों की गिनती की, तब जाकर यह गड़बड़ी सामने आई। शुरुआती जांच में शक स्टेडियम के अंदर के ही किसी व्यक्ति पर गया, क्योंकि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति के लिए संभव नहीं थी।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और पूछताछ में सामने आया कि सिक्योरिटी मैनेजर ने खुद ही जर्सियों को निकालकर धीरे-धीरे बाहर पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, जहां कुछ जर्सियां भी बरामद हुईं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है।
BCCI और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने इस घटना पर नाराज़गी जताई है और कहा है कि वे आंतरिक जांच के साथ-साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करेंगे। बोर्ड का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में इस तरह की लापरवाही न सिर्फ ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि फैंस के विश्वास को भी डगमगाती है।
यह पहली बार नहीं है जब क्रिकेट आयोजनों के दौरान इस तरह की चोरी या कदाचार की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले भी कुछ IPL फ्रेंचाइजियों में जर्सी और किट की चोरी की शिकायतें मिली थीं, लेकिन यह पहली बार है जब स्टेडियम का सिक्योरिटी हेड ही आरोपी पाया गया है।
निष्कर्षतः, इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सुरक्षा में अंदरूनी चूक सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे समय में जब IPL को वैश्विक स्तर पर एक बड़े ब्रांड के रूप में देखा जाता है, इस तरह की घटनाएं आयोजकों के लिए चेतावनी हैं। पुलिस की सख्ती और BCCI की जांच अब तय करेगी कि इस तरह की लापरवाही भविष्य में दोहराई न जाए।



