क्या तय समय पर होगा भारत-पाक मुकाबला? बहिष्कार विवाद पर राजीव शुक्ला ने दी सफाई

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला हमेशा से खेल जगत का सबसे हाई-वोल्टेज इवेंट माना जाता है। फैंस इस मैच का इंतजार महीनों पहले से करने लगते हैं, क्योंकि मैदान पर सिर्फ दो टीमें नहीं बल्कि भावनाएं, इतिहास और रोमांच आमने-सामने होते हैं। ऐसे में 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर जब ‘बहिष्कार’ की चर्चा तेज हुई तो खेल प्रेमियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक था। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं कि क्या टीम इंडिया यह मैच खेलेगी या नहीं। इसी बीच बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सामने आकर स्थिति को साफ करने की कोशिश की है।
राजीव शुक्ला ने कहा कि किसी भी द्विपक्षीय या बहुपक्षीय टूर्नामेंट में भागीदारी का फैसला व्यक्तिगत स्तर पर नहीं बल्कि सरकार की नीति और संबंधित अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक निर्देश नहीं है कि भारत मैच का बहिष्कार करेगा। जब तक कोई अलग निर्देश नहीं आता, टीम अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है। उनके इस बयान के बाद काफी हद तक भ्रम की स्थिति कम होती नजर आई है।
दरअसल, भारत-पाक मुकाबले को लेकर हर बार राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों का असर देखने को मिलता है। कई बार फैंस की भावनाएं भी इस बहस को और तेज कर देती हैं। लेकिन बोर्ड का रुख आमतौर पर यही रहता है कि आईसीसी या एशियाई क्रिकेट परिषद के इवेंट्स में तय शेड्यूल के हिसाब से खेला जाए। राजीव शुक्ला ने भी दोहराया कि बीसीसीआई खिलाड़ियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखता है और उसी आधार पर निर्णय लिए जाते हैं।
अगर 15 फरवरी को यह मैच होता है, तो एक बार फिर करोड़ों दर्शकों की निगाहें टीवी स्क्रीन पर टिकी होंगी। टिकट, प्रसारण और विज्ञापन से लेकर डिजिटल व्यूअरशिप तक, हर स्तर पर यह मुकाबला रिकॉर्ड बनाता है। यही वजह है कि इसके आयोजन को लेकर जरा सी खबर भी सुर्खियां बन जाती है। फिलहाल शुक्ला के बयान से इतना साफ है कि आधिकारिक तौर पर बहिष्कार का कोई फैसला घोषित नहीं हुआ है, और अंतिम निर्णय संबंधित परिस्थितियों व निर्देशों पर निर्भर करेगा। तब तक फैंस उम्मीद कर सकते हैं कि क्रिकेट का यह महायुद्ध तय तारीख पर देखने को मिले।



