पंजाब

प्रोफेसर भुल्लर की रिहाई के मुद्दे पर अकाली दल झूठ बोलकर पंजाबियों को कर रहा है गुमराह: आप

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने अकाली दल बादल पर प्रोफेसर भुल्लर के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा हमला बोला।

पार्टी ने कहा कि अकाली नेता पंजाब में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को चंडीगढ़ पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि अकाली नेता पीड़ा में हैं।

क्योंकि उन्हें पंजाब के लोगों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। वे खुद को खारिज किए जाने पचा नहीं पा रहे हैं। इसलिए, वे पंजाब के लोगों को हर दिन नया झूठ परोस रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिअद पार्टी, विशेषकर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसीलिए वे बंदी सिंहों की रिहाई के मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रवक्ता गोविंदर मित्तल और विक्रम पासी भी मौजूद थे।

कंग ने कहा कि प्रोफेसर दविंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई के मामले में 7 सदस्यीय सजा समीक्षा बोर्ड है। इसमें सिर्फ एक आम आदमी पार्टी के दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री(जेल मंत्री) कैलाश गहलोत सदस्य हैं और 6 सदस्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के है, जो शिअद (बादल) का पुराना सहयोगी है।

कंग ने बोर्ड बैठक के मिनट्स दिखाते हुए मीडिया को बताया कि केवल आप मंत्री ने प्रोफेसर भुल्लर की समय से पहले रिहाई की मांग की थी।

आप जेल मंत्री ने कहा कि देविंदर पाल भुल्लर को संबंधित किया जाना चाहिए, क्योंकि वह 25 साल से अधिक समय से सलाखों के पीछे हैं।

उनके गृह नगर पुलिस ने उनकी रिहाई के लिए एनओसी दे दी है और उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बहुत अच्छा नहीं है।

लेकिन अन्य सभी छह सदस्यों ने उनकी रिहाई के खिलाफ मतदान किया, इसलिए 6:1 के बहुमत से भुल्लर की समयपूर्व रिहाई का मामला खारिज कर दिया गया।

कंग ने कहा कि शिअद (बादल) नेता बेहद बेशर्म हैं। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल का एक पुराना वीडियो दिखाया जिसमें वह सभी बंदी सिंहों को आतंकवादी कह रहे हैं।

राज्य तथा केंद्र में भाजपा के साथ सत्ता में होने के बावजूद शिरोमणि अकाली दल ने सिखों या बंदी सिंह के लिए कभी कुछ नहीं किया।

कंग ने कहा कि मजीठिया वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने सबसे पहले एक खास समूह के लोगों को खुश करने के लिए अमृतपाल की आलोचना की थी।

लेकिन पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने विपरीत समूह के लोगों को खुश करने के लिए अमृतपाल का साथ दिया। इससे यह स्पष्ट है कि वे केवल पंजाब में शांति भंग करना चाहते हैं।

वह पंजाब के लोगों को आप सरकार और सीएम भगवंत मान के खिलाफ गुमराह करके भड़काना चाहते हैं। कंग ने कहा कि पंजाब के लोग बादल और मजीठिया के इन झूठों को कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे।

वे शिअद की असलियत अब अच्छी तरह से जान चुके हैं। हर कोई जानता है कि शिरोमणि अकाली दल बादल ने कभी भी पंथ और पंजाब के लिए कुछ नहीं किया है। वे हमेशा अपने निजी हितों के लिए काम करते हैं।

कंग ने सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया को भाजपा और नरेंद्र मोदी से यही सवाल पूछने की चुनौती दी। क्योंकि वे ही बंदी सिंह की रिहाई रोक रहे हैं।

उन्होंने पूछा कि क्या शिअद नेता भुल्लर की रिहाई का विरोध करने वाले एसआरबी के छह भाजपा सदस्यों के खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन करेंगे?

क्या उनमें मोदी के खिलाफ एक शब्द भी कहने की हिम्मत है जैसा वे हमारे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के बारे में कहते हैं?

कंग ने कहा कि आज भी अगर भाजपा अकाली दल को गठबंधन के लिए बुलाती है तो बादल और मजीठिया घुटनों के बल बैठकर उनके साथ हो जाएंगे।

कंग ने अकाली नेताओं को चुनौती दी कि वे पंजाब के लोगों को बताएं कि वे उस भाजपा के साथ कभी गठबंधन नहीं करेंगे, जिसने पंजाब को हमेशा धोखा दिया है।

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